मैं भी वही समाज हूं, जिसमें बहुत सारी गलतफहमीयां भरी पड़ी है, मैं भी वही समाज हूं, जिसमें बहुत सारी गलतफहमीयां भरी पड़ी है,
मैंने सब नामों को घेर लिख डाला भारत। मैंने सब नामों को घेर लिख डाला भारत।
यह कविता उपजी है नौकरशाह सोच के प्रति घृणा से, भ्रष्ट सरकारी तंत्र के प्रति क्रोध से, धर्म के आडम्बर... यह कविता उपजी है नौकरशाह सोच के प्रति घृणा से, भ्रष्ट सरकारी तंत्र के प्रति क्रो...
मिला दलितों को सम्मान मिला दलितों को सम्मान
इस साल सबसे ज्यादा दलित लड़कियों ने की ब्राह्मण परिवारों में शादी! इस साल सबसे ज्यादा दलित लड़कियों ने की ब्राह्मण परिवारों में शादी!
कोरोना की आइस पाई स वेलकम 2 हज़ार बाइस। कोरोना की आइस पाई स वेलकम 2 हज़ार बाइस।